धरहरा के शिवकुंड पंचायत में बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचन शुरू, रोज 2000 लोगों को मिलेगा भोजन



धरहरा के शिवकुंड पंचायत में बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक किचन शुरू, रोज 2000 लोगों को मिलेगा भोजन


धरहरा (मुंगेर): धरहरा प्रखंड की शिवकुंड पंचायत में बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रविवार से पंचायत में सामुदायिक किचन की शुरुआत की गई है। मध्य विद्यालय निषाद टोला शिवकुंड परिसर में शुरू किए गए इस किचन में पहले दिन करीब 2 हजार लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है।


बाढ़ के कारण कई गांवों में घरों के अंदर पानी घुस गया है और चारों तरफ जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इस कारण प्रभावित परिवारों के सामने खाना बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया था। कई परिवारों के चूल्हे डूब गए हैं और ईंधन की भी किल्लत हो रही है। इसी समस्या को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सामुदायिक किचन शुरू किया गया है।


किचन प्रबंधन के अनुसार रविवार सुबह से ही बड़े पैमाने पर भोजन बनाने का काम शुरू कर दिया गया था। किचन में साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दाल, चावल, सब्जी और रोटी का मेन्यू तैयार किया गया है ताकि प्रभावित लोगों को पौष्टिक भोजन मिल सके। भोजन तैयार होने के बाद उसे पैक कर प्रभावित गांवों और टोलों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।


बताया जा रहा है कि शिवकुंड पंचायत के निचले इलाके निषाद टोला, मुसहरी टोला, मुख्य शिवकुंड गांव सहित कई वार्डों में पिछले कुछ दिनों से बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि और लगातार बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। लोगों का आवागमन भी बाधित हो गया है। रोजमर्रा की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है।


स्थानीय लोगों ने सामुदायिक किचन शुरू होने पर राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासी रामबिलास निषाद ने बताया कि बाढ़ के समय सबसे बड़ी समस्या भोजन की होती है। घर में पानी होने से खाना नहीं बन पाता है। सामुदायिक किचन से अब समय पर खाना मिल सकेगा। वहीं एक अन्य महिला सुनीता देवी ने बताया कि बच्चे भूखे रह जाते थे, अब किचन शुरू होने से बड़ी मदद मिलेगी।


प्रबंधन की ओर से बताया गया कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक यह सामुदायिक किचन लगातार चलता रहेगा। जरूरत के अनुसार भोजन की मात्रा बढ़ाई भी जा सकती है। इसके लिए अतिरिक्त राशन सामग्री और रसोइयों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर भोजन वितरण किया जा रहा है।


गौरतलब है कि हर साल बाढ़ के दौरान धरहरा प्रखंड के कई पंचायतों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में सामुदायिक किचन जैसी पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए जीवन रेखा साबित होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इसके साथ ही पीने के पानी और दवाइयों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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